Kumbh

ऋग्वेदके खिलसूक्तमें कहा गया है –

सितासिते सरिते यत्र सङ्गते तत्राप्लुतासो दिवमुत्पतन्ति ।

ये वै तन्वं विसृजन्ति धीरास्ते जनासो अमृतत्वं भजन्ते ।। – ऋग्वेद, खिलसूक्त

अर्थ : जहां गंगा-यमुना दोनों नदियां एक होती हैं, वहां स्नान करनेवालोंको स्वर्ग मिलता है एवं जो धीर पुरुष इस संगममें तनुत्याग करते हैं, उन्हें मोक्ष-प्राप्ति होती है ।

प्रयागराज तीर्थक्षेत्रके विषयमें पद्मपुराणमें कहा गया है –

ग्रहाणां च यथा सूर्यो नक्षत्राणां यथा शशी ।

तीर्थानामुत्तमं तीर्थं प्रयागाख्यमनुत्तमम् ।।

अर्थ : जिस प्रकार ग्रहोंमें सूर्य एवं नक्षत्रोंमें चंद्रमा श्रेष्ठ है, उसी प्रकार सर्व तीर्थोंमें प्रयागराज सर्वोत्तम हैं ।

कूर्मपुराणमें कहा गया है कि प्रयाग तीनों लोकोंमें सर्वश्रेष्ठ तीर्थ है ।

महाभारत

प्रयागः सर्वतीर्थेभ्यः प्रभवत्यधिकं विभो ।।

श्रवणात् तस्य तीर्थस्य नामसंकीर्तनादपि ।।

मृत्तिकालम्भनाद्वापि नरः पापात् प्रमुच्यते।।

– महाभारत, पर्व ३, अध्याय ८३, श्लोक ७४, ७५

अर्थ : हे राजन्, प्रयाग सर्व तीर्थोंमें श्रेष्ठ है । उसका माहात्म्य श्रवण करनेसे, नामसंकीर्तन करनेसे अथवा वहांकी मिट्टीका शरीरपर लेप करनेसे मनुष्य पापमुक्त होता है ।

 तीर्थक्षेत्रकी विधि

प्रयागराजकी तीर्थयात्रा करते समय त्रिवेणीसंगम का पूजन, केशमुंडन, गंगास्नान, पितृश्राद्ध, सुहागिन स्त्रियोंद्वारा वेणीदान एवं देवताओंके दर्शन करना आदि आवश्यक विधियां करनी होती हैं ।

 स्थानदर्शन

प्रयागके स्थानदर्शन करनेके विषयमें एक श्लोकमें कहा गया है –

त्रिवेणीं माधवं सोमं भरद्वाजं च वासुकिम् ।

वन्देऽक्षयवटं शेषं प्रयागं तीर्थनायकम् ।।

अर्थ : त्रिवेणी (संगम), वेणीमाधव, सोमेश्वर, भारद्वाज, वासुकी नाग, अक्षयवट, शेष (बलदेव) एवं तीर्थराज प्रयागको मैं वंदन करता हूं ।

मौनी अमावस्या

आइये गंगा यमुना और सरस्वती के तीर। तन और मन को शीतल शुद्ध और पापमुक्त कीजिये।  

Naga Sadhu Going to took holy dip in Sangam on Makar Sankranti

About 2 crore people took holy dip on First Shahi Snan

Congratulations to Government, Authorities, Sadhus, Saints and pilgrims who helped to make first Snan of Makar Sankranti a giant success. About 2 crore people took holy dip in Kumbh.

 

 

लगभग 2 करोड़ लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी पहले शाही स्नान में

संगम में आये सभी श्रद्धालुओं का धन्यावाद मकर संक्रांति को सफल बनाने के लिए। आसमान  हुई पुष्पवर्षा ने लोगो  मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु गंगा की स्थिति को देख कर हुए उत्साहित।  लोगों बीजेपी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यो को सराहा और बतया की इसबार स्वच्छ, अविरल, निर्मल और साफ़ जल देखने को मिला।

 

इतनी भीड़ को नियन्त्रिक करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी जिसे योगी सरकार, पुलिस प्रशासन, मेला प्रशासन ने बखूबी निभाया।